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कविता

स्नेहा को जब पता चला कि स्कूल मैगज़ीन में शिक्षक के ऊपर लिखी उसकी कविता की जगह रश्मी की कविता छप रही है तो वह चिढ़ गई। वह सीधा टंडन मैम के पास पहुँच गई जिन्होंने यह निर्णय लिया था।
"मैम मैंने इतनी मेहनत कर दो पेज की कविता लिखी थी। सारिका मैम ने तो खूब तारीफ की थी। पर आपने रश्मी की केवल आठ लाइनों की कविता चुन ली। क्यों ??"
टंडन मैम ने उसे प्यार से बैठाते हुए कहा।
"बेटा कविता लंबी नहीं गहरी होनी चाहिए। तुमने अच्छा लिखा है। पर रश्मी ने कम शब्दों में दिल को छुआ है।"

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