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करनी का फल

सुबोध मदद मिलने की उम्मीद से अपने हर दोस्त के पास गया। लेकिन इतनी बड़ी रकम देने की हिम्मत किसी में नहीं थी। 
जुएं और शराब की लत ने उसे बर्बाद कर दिया था। जिस क्लब में वह जुआं खेलता था वहाँ उस पर पचास हज़ार का कर्ज़ चढ़ गया था। क्लब का मालिक गुंडे भेज कर धमकी दे रहा था कि यदि पैसे न मिले तो वह उसके घर वालों से जबरन वसूल करेगा। 
अगले हफ्ते बहन की शादी है। अगर वहाँ कुछ हुआ तो बहुत बदनामी होगी। उसकी गलती की सद़ा बहन को भुगतनी पड़ेगी।

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