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सच की राह

वकालत के पेशे में ह्रदय नारायण ने अभी पहचान बनानी शुरू ही की थी। पर आज जो केस उन्होंने लिया वह चौंकाने वाला था।
"सर आपने यह केस क्यों लिया। हारने के बहुत चांस हैं।" उनके सहायक ने सवाल किया।
"मुझे उस बूढ़े की आँखों में सच्चाई नज़र आई।" 
"लेकिन अदालत सबूत और गवाह के आधार पर फैसला देती है। जिसके खिलाफ आप लड़ने वाले हैं वह बहुत रसूख़दार हैं।" सहायक ने अपनी दलील दी।
ह्रदय नारायण कुछ देर सोंच कर बोले "बचपन से पढ़ा है कि सच हमेशा जीतता है। फिर भी हर कोई झूठ का सहारा लेता है। क्योंकी सच की राह कठिन है।"
ह्रदय नारायण ने अपने सहायक पर नज़रें टिका कर दृढ़ता से कहा "मैं कठिन राह पर चल कर यह साबित करूँगा कि सच हमेशा जीतता है।"

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