खाने के बाद गांव से आए सुबोध ने जब ज़ोर से डकार ली तो कई निगाहें इस शिकायत के साथ उस पर टिक गईं की ऐसे लोगों को क्यों बुलाया?
अपने मिलनसार स्वभाव के कारण सुबोध विवाह के संगीत समारोह में पधारे सभी लोगों से बातचीत कर रहा था। छोटा हो तो पूँछता कि किस कक्षा में हो? क्या करते हो?हमउम्र से भैया या भौजी कह कर हालचाल जानने लगता। लेकिन किसी को उसका बर्ताव पसंद नहीं आ रहा था। अतः सभी ने अंग्रेज़ी का जुमला उस पर चिपका दिया था 'मिस फिट'।
सुबोध अपने चचेरे भाई की बेटी की शादी में आया था। भाई एक प्रतिष्ठित कंपनी में अच्छे पद पर था। सुबोध गांव में खेती करता था।
खाने के बाद संगीत समारोह आरंभ हुआ। डीजे के तेज़ संगीत पर सभी नाचने में लगे थे। खासकर जवान लड़के लड़कियों में अधिक उत्साह था।
नाचते हुए एक लड़का कुर्सी पर बैठी अपनी मित्र से नाचने को कहने लगा। लेकिन उसने मूड नहीं है कह कर मना कर दिया। वह लड़का वापस गया तो उसके दोस्त मज़ाक करने लगे 'क्या यार डांस फ्लोर तक भी नहीं ला पाया। यू आर होपलेस।'
दोस्तों के इस तरह उकसाने पर वह दोबारा लड़की के पास गया और बिना उसकी मर्ज़ी के हाथ पकड़ कर उसे खिंचने लगा।
सुबोध को यह जबरदस्ती अच्छी नहीं लगी। उसने आपत्ति जताई। इस पर लड़के ने गुस्से में उसे धक्का देकर कहा।
"मैं तुम जैसे गंवार के मुंह नहीं लगना चाहता।"
अपने मिलनसार स्वभाव के कारण सुबोध विवाह के संगीत समारोह में पधारे सभी लोगों से बातचीत कर रहा था। छोटा हो तो पूँछता कि किस कक्षा में हो? क्या करते हो?हमउम्र से भैया या भौजी कह कर हालचाल जानने लगता। लेकिन किसी को उसका बर्ताव पसंद नहीं आ रहा था। अतः सभी ने अंग्रेज़ी का जुमला उस पर चिपका दिया था 'मिस फिट'।
सुबोध अपने चचेरे भाई की बेटी की शादी में आया था। भाई एक प्रतिष्ठित कंपनी में अच्छे पद पर था। सुबोध गांव में खेती करता था।
खाने के बाद संगीत समारोह आरंभ हुआ। डीजे के तेज़ संगीत पर सभी नाचने में लगे थे। खासकर जवान लड़के लड़कियों में अधिक उत्साह था।
नाचते हुए एक लड़का कुर्सी पर बैठी अपनी मित्र से नाचने को कहने लगा। लेकिन उसने मूड नहीं है कह कर मना कर दिया। वह लड़का वापस गया तो उसके दोस्त मज़ाक करने लगे 'क्या यार डांस फ्लोर तक भी नहीं ला पाया। यू आर होपलेस।'
दोस्तों के इस तरह उकसाने पर वह दोबारा लड़की के पास गया और बिना उसकी मर्ज़ी के हाथ पकड़ कर उसे खिंचने लगा।
सुबोध को यह जबरदस्ती अच्छी नहीं लगी। उसने आपत्ति जताई। इस पर लड़के ने गुस्से में उसे धक्का देकर कहा।
"मैं तुम जैसे गंवार के मुंह नहीं लगना चाहता।"
"हम गंवार ही सही पर यह जानते हैं कि लड़की की मर्ज़ी के बगैर उसका हाथ खींचना बदतमीज़ी है।"
यह कह कर सुबोध ने उस लड़की का हाथ छुड़ा कर उसे बैठा दिया।
अचानक कई लोगों की आँखों में सुबोध के लिए आदर दिखने लगा।
अचानक कई लोगों की आँखों में सुबोध के लिए आदर दिखने लगा।
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