शाइना ने कुछ दिन पूर्व ही कार्यभार संभाला था. प्रशासनिक सेवा में आने का उसका उद्देश्य सरकारी काम काज में सुधार लाना था. इसलिए कॉरपोरेट सेक्टर में जाने की बजाय उसने आई ए एस की परीक्षा पास की थी.
लेकिन जब से उसने पद संभाला था सभी बस जी हुजूरी में लगे थे. अपना काम करने की बजाय उसे प्रसन्न करने में लगे थे. वहाँ एक होड़ सी चल रही थी. कौन उसे कितना प्रसन्न कर सकता है. यह सब देख उसे ऊब होने लगी थी. चापलूसों के बीच वह ऐसे शख़्स को तलाश रही थी जो इस भीड़ का हिस्सा ना हो. रजत उस भीड़ से अलग था. वह केवल अपने काम से ही मतलब रखता था.
रजत उसके लिए उम्मीद की किरण था. शाइना ने फैसला किया कि वह अन्य लोगों को भी इस भीड़ से निकालने का प्रयास करेगी.
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें