मलिक परिवार सभी के लिए आदर्श परिवार था. अक्सर पति पत्नी सामाजिक कार्यक्रमों में एक दुसरे के प्रति अपने प्रेम का इज़हार करते रहते थे. अपने पुत्र की सभी के सामने तारीफ करते थे. सभी बस यही कहते थे कि पति पत्नी का प्रेम हो तो ऐसा. संतान हो तो ऐसी. परिवार बहुत व्यवस्थित नजर आता था.
किंतु एक घटना ने व्यवस्था के आवरण को हटा दिया. मलिक दंपत्ति का पुत्र नशे की हालत में मारपीट करने के इल्ज़ाम में पकड़ा गया.
कभी सभी के सामने एक दूसरे के प्रति प्रेम प्रदर्शित करने वाले दंपत्ति अब सरेआम बेटे के इस प्रकार पथभ्रष्ट हो जाने के लिए एक दुसरे पर तोहमत लगा रहे थे.
आवरण के पीछे छिपी रिश्तों की दरारें साफ नज़र आ रही थीं.
किंतु एक घटना ने व्यवस्था के आवरण को हटा दिया. मलिक दंपत्ति का पुत्र नशे की हालत में मारपीट करने के इल्ज़ाम में पकड़ा गया.
कभी सभी के सामने एक दूसरे के प्रति प्रेम प्रदर्शित करने वाले दंपत्ति अब सरेआम बेटे के इस प्रकार पथभ्रष्ट हो जाने के लिए एक दुसरे पर तोहमत लगा रहे थे.
आवरण के पीछे छिपी रिश्तों की दरारें साफ नज़र आ रही थीं.
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें