सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

जीत


सभी राघव को बधाइयां दे रहे थे. आज उसकी वर्षों की तपस्या रंग लाई थी. वह गर्व से फूले नही समा रहा था. सीने पर लटकता मेडल, हाथ में पकड़ी चैंपियनशिप की ट्राफी सभी को दिखा रहा था.
तमाम कठिनाइयों एवं परिवार के विरोध के बावजूद बेटी में छिपी प्रतिभा को पहचान उसे प्रोत्साहित किया. आज वह राष्ट्रीय स्तर की टेबल टेनिस चैंपियन बन गई थी.

टिप्पणियाँ