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स्मार्ट फोन

रमन के सामने पार्सल रखा था. अभी कुछ देर पहले ही उसके स्मार्ट फोन की होम डिलीवरी प्राप्त हुई थी. 
उसके बच्चे अक्सर शिकायत करते थे 'पापा कब तक इस पुराने साधारण फोन से चिपके रहेंगे. आप एक स्मार्ट फोन क्यों नहीं ले लेते.' 
वह भी जब अपने आस पास ना सिर्फ जवानों को ही नहीं बल्कि हमउम्र लोगों को स्मार्ट फोन चलाते देखता तो खुद के पीछे छूट जाने जैसी भावना मन में आती. अतः उसने भी तय कर लिया कि वह नया फोन खरीदेगा. इससे बाहर रह रहे बच्चों से अच्छी तरह संपर्क में रह सकता था. एक टेलीवीज़न शॉपिंग नेटवर्क का विज्ञापन देख कर उसने दिए गए नंबर पर आर्डर बुक करा दिया. 
फोन आ गया था. अब चुनौती उसे चलाना सीखने की थी. पर जहाँ ज़िंदगी में इतनी चुनौतियों का सामना किया है यह तो कुछ भी नहीं. कुछ इसी इरादे से उसने फोन अपने हाथ में उठा लिया और उसे चालू करने की कोशिश करने लगा.

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